मंगलवार, 26 अक्टूबर 2021

अलंकार

अलंकार के मुख्यतः तीन भेद होते हैं। शब्दालंकार अर्थालंकार तथा उभयालंकार। जहां किसी शब्द या वर्ण समूह के कारण चमत्कार होता है, यदि उस शब्द के स्थान पर समानार्थक कोई दूसरा शब्द रखने से चमत्कार नष्ट हो जाता है, उसे शब्दालंकार कहते हैं। जहां किसी शब्द का परिवर्तन कर उसके समानार्थक कोई दूसरा शब्द रख देने पर भी जब चमत्कार में कोई अंतर नहीं पड़ता। अर्थात् जहां अर्थों के कारण चमत्कार उत्पन्न होता हो, उसे अर्थालंकार कहते हैं। जहां दोनों प्रकार की स्थिति हो, उसे मिश्रित या उभयालंकार कहते हैं। शब्दालंकार - अनुप्रास और यमक अर्थालंकार- उपमा आदि उभयालंकार पुनरुक्तवदाभास

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