बुधवार, 6 दिसंबर 2023
।। राजा भोज और माघ की कथा ।।
संस्कृतच्छात्रोऽहम्।
वर्तमानसमये प्रयागराजनगरे निवसामि।
मम जन्मस्थानम् - सीतापुर उत्तरप्रदेशः वर्तते।
समपर्कः - 9906142677,
ईमेल- sbbanda90@gmail.com,
गुरुवार, 26 अक्टूबर 2023
राजा भोज और बुढ़िया
एक समय की बात है कि राजा भोज और माघ पंडित सैर को गये थे । लौटते समय वे दोनों रास्ता भूल गये । तब वे दोनों विचार करने लगे, रास्ता भूल गये अब किससे पूछे । तब माघ पंडित ने कहा कि पास के खेत में जो बुढिया काम कर रही है उससे पूछे ।
दोनों बुढ़िया के पास गये, और कहा राम राम माँ जी । यह रास्ता कहाँ जायेगा । बुढिया ने उत्तर दिया कि "यह रास्ता तो यही रहेगा इसके ऊपर चलने वाले जायेंगे । भाई तुम कौन हो !"
"बहिन हम तो पथिक है "- राजा भोज बोला ।
बुढ़िया बोली -"पथिक तो दो है एक सूरज और एक चन्द्रमा । तुम कौन से पथिक हो ।"
भोज बोला -"हम तो राजा है ।"
"राजा तो दो है एक इन्द्र और एक यमराज । तुम कौनसे राजा हो" - बुढ़िया बोली ।
"बहन हम तो क्षमतावान है" - माघ बोला ।
"क्षमतावान दो है एक पृथ्वी और दूसरी स्त्री । भाई तुम कौन हो " - बुढ़िया बोली ।
"हम तो साधू है" - राजा भोज कहने लगा ।
" साधू तो दो है एक तो शनि और दूसरा सन्तोष । भाई तुम कौन हो" - बुढ़िया बोली ।
"बहिन हम तो परदेसी है" - दोनों बोले ।
" परदेसी तो दो है एक जीव और दूसरा पे़ड़ का पात । भाई तुम कौन हो" - बुढ़िया बोली ।
" हम तो गरीब है " - माघ पंडित बोला
" गरीब तो दो है एक तो बकरी का जाया बकरा और दूसरी लड़की ।" - बुढ़िया बोली ।
" बहिन हम तो चतुर है" - माघ पंडित बोला ।
" चतुर तो दो है एक अन्न और दूसरा पानी । तुम कौन हो सच बताओ ।" - बुढ़िया बोली
इस पर दोनों बोले हम कुछ भी नहीं जानते । जानकार तो तुम हो ।
तब बुढ़िया बोली कि " तुम राजा भोज हो और ये पंडित माघ है । जाओ यही उज्जैन का रास्ता है ।"
शिक्षा - जब बड़ो के सामने आपकी एक ना चले तो समझ लो, हार मान लेना ही बेहतर है ।
संस्कृतच्छात्रोऽहम्।
वर्तमानसमये प्रयागराजनगरे निवसामि।
मम जन्मस्थानम् - सीतापुर उत्तरप्रदेशः वर्तते।
समपर्कः - 9906142677,
ईमेल- sbbanda90@gmail.com,
शुक्रवार, 20 अक्टूबर 2023
पशुपक्षिणां ध्वनय:
संस्कृतच्छात्रोऽहम्।
वर्तमानसमये प्रयागराजनगरे निवसामि।
मम जन्मस्थानम् - सीतापुर उत्तरप्रदेशः वर्तते।
समपर्कः - 9906142677,
ईमेल- sbbanda90@gmail.com,
सोमवार, 16 अक्टूबर 2023
मङ्गलाचरणम्
संस्कृतच्छात्रोऽहम्।
वर्तमानसमये प्रयागराजनगरे निवसामि।
मम जन्मस्थानम् - सीतापुर उत्तरप्रदेशः वर्तते।
समपर्कः - 9906142677,
ईमेल- sbbanda90@gmail.com,
शनिवार, 14 अक्टूबर 2023
संस्कृतप्रतियोगितायां विजेतृणां छात्राणां सम्मानार्थं आयोजितः कार्यक्रमः।
प्रेसविज्ञप्तिः संस्कृतम् - १४.१॰.२॰२३ वार्ताहरः आचार्यदीनदयालशुक्लः
विभागीयस्तरस्य
संस्कृतप्रतियोगितायां विजेतृणां छात्राणां सम्मानार्थं आयोजितः कार्यक्रमः।
बाँदा। अद्य दिनाङ्के १४.१॰.२॰२३ प्रातः ११:३॰ वादने जिलाविद्यालयनिरीक्षकः बांदा श्रीविजयपालसिंहद्वारा गिरवांनगरस्थस्य पंडितजवाहरलालनेहरूइण्टरकॉलेज इत्यस्य विद्यालयस्य आकस्मिकनिरीक्षणं विहितम्।

![]() |
विद्यालये सर्वं सुष्ठु स्वस्थं च प्राप्य विद्यालयस्य प्राचार्यगणेशद्विवेदीमहोदयेन सह सर्वैः शिक्षकैः सह च अस्मिन् शैक्षणिकोन्नयनगोष्ठीयाम् उत्थानसभायां च संस्कृतप्रतिभासन्धानपरीक्षायै उपस्थिताः विद्यालयस्य छात्राः जिलास्तरस्य ध्वजरोहणस्य अनन्तरं, हमीरपुरस्य भुवनेश्वरीमहाविद्यालये संभागीयस्तरस्य आयोजने आयोजितायां प्रतियोगितायां राज्यस्तरस्य चयनितस्य छात्रस्य महेशस्य विद्यालयस्य नामे गौरवम् आनयितुं ट्राफी, प्रमाणपत्रं च सम्मानितं तथा विभागीयस्तरीय पर द्वितीय तृतीय स्थान पर स्थित छात्र ज्योति, नेहा, प्रज्ञा च ट्राफी प्रमाणपत्राणि च दत्तानि।
सभायां संस्कृतविषयस्य प्रवक्ता शिवपूजन त्रिपाठीमहोदयः तथा च छात्रान् राज्यस्तरं प्रति प्रेषयित्वा छात्रान् प्रकाशं कृतवान् इति व्यक्तिः सम्बोधितवान् तथा च जिलाविद्यालयनिरीक्षकेन शिक्षकान् छात्रान् च अभिनन्दनं कृत्वा तेषां उज्ज्वलभविष्यस्य कामना कृता। समारोहस्य संचालनं श्रीअखिलेशशुक्लद्वारा सम्पादितम्।
संस्कृतच्छात्रोऽहम्।
वर्तमानसमये प्रयागराजनगरे निवसामि।
मम जन्मस्थानम् - सीतापुर उत्तरप्रदेशः वर्तते।
समपर्कः - 9906142677,
ईमेल- sbbanda90@gmail.com,





